अकबर और बीरबल ( गरीबो की लिए चंदा )

    अकबर और बीरबल  ( गरीबो के  लिए चंदा  )




एक बार बीरबल गरीबो की बस्ती में  रहने वाले  लोगो के  लिए चंदा वसूल कर रहे थे।  वह इस नेक काम से बस्ती के सर्वाधिक मालदार आदमी के घर जा पहुंचे।  यह आदमी एक  नम्बर का कंजूस - मक्खीचूस था। 

जैसे ही बीरबल ने चंदे की थैली कंजूस के आगे फैलाई , वह फौरन बोल उठा , " मै कहा  से दूँ ? " 

"क्यों जनाब ?" बीरबल ने उदारता पूर्वक पूछा। 
" क्योकि मेरे पास तो कुछ भी नहीं है देने को। " कंजूस ने टरकाने के लिए कहा। 


उसकी बात सुन कर बिरबल ने  झट से उत्तर दिया , " कोई बात नहीं जनाब ! आप इस थैली में से कुछ निकल लीजिए। " 

" मै कुछ समझा नहीं बीरबल। " कंजूस ने कहा। 

दरअसल बात यह है की यह चन्दा गरीबो के लिए ही तो जुटाया जा रह है। " बीरबल ने मुस्कुरा कर उत्तर दिया। 











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